परन्तु मैं ने उनको उत्तर दिया कि रोमियों की यह रीति नहीं कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक मुद्दाअलैह को अपने मुद्दइयों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।