పరిశుద్ధ గ్రంథము
,
पुराना नियम
,
नीतिवचन
,
अध्याय 3
,
వచనము 21
हे मेरे पुत्र, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट में न होने पाएँ, खरी बुद्धि और विवेक की रक्षा कर,
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