ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
,
पुराना नियम
,
नीतिवचन
,
अध्याय 5
,
???en_US.statement??? 6
इसलिये उसे जीवन का समथर पथ नहीं मिल पाता; उसके चालचलन में चंचलता है, परन्तु उसे वह आप नहीं जानती।
Go to Home Page