जिसने दिन में प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात में प्रकाश देने के लिये चंद्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है :